नाम तुम्हारा लेने की अब आदत सी हो गई है
अभी कल ही तोह सुना था मैंने तुम्हे लेकिन लगता है की एक मुद्दत बीत गई है …
जानती हु की इंतज़ार है तुम्हे मेरे इज़हार का
पर अब प्यार से डरने की आदत हो गई है !!!

यह सच है की मैंने दुनिया के रिवाज़ों को तोड़ कर तुम्हे अपना लिया है
और एक छोटा सा सपना इन आँखों में सजा लिया है
प्यार का इज़हार भले न किया हो मैंने पर अपने मन में हमने तुम्हे बसा लिया …

ये मत समझना भरोसा नहीं तुमपर
भला जान से ज्यादा किसपर ऐतबार करू
लेकिन फिर भी समज नहीं आता की प्यार का इज़हार कैसे करू …

वैसे तो लोगो ने प्यार के बारे में बहुत कुछ बताया है
लेकिन तुमने मुझे प्यार में जीना सिखाया है …
जितना तुमसे दूर जाना चाहु , पास आ जाते हो
और हर रोज़ जीने की एक नई वजह दे जाते हो …
सब कुछ तोह है इस रिश्ते में पर फिर भी में ऐतबार कैसे करू
प्यार का इज़हार कैसे करू ..

प्यार का इज़हार भले ही ना किया हो मैंने लेकिन हर वक़्त तुम्हे याद किया है
समज नहीं आ रहा की दिल की बात कहा पर ख़त्म करू
प्यार का इज़हार कैसे करू …