मैं आज के ज़माने में गुज़रा ज़माना ढूँढ़ने निकली हूँ

इन बड़ी इमारतों और महलों के बीच ,
मैं सिर्फ एक छोटा सा घरोंदा बनाने निकली हु ,
मैं आज के ज़माने में , गुज़रा ज़माना ढूँढ़ने निकली हूँ |

भाग -दौड़ और एक दूसरे को पीछे करने की दौड़ में ,
मैं साथ चलने वाला ढूढ़ने निकली हूँ,
मैं आज के ज़माने में , गुज़रा ज़माना ढूँढ़ने निकली हूँ |

वक़्त ने हमे बहुत आगे बढ़ा दिया ,
लेकिन इसी आगे बढ़ते वक़्त में , मैं पुरानी यादों को ताज़ा करने निकली हूँ,

मैं आज के ज़माने में , गुज़रा ज़माना ढूँढ़ने निकली हूँ |

मोबाइल फ़ोन के इस ज़माने में ,
मैं चिट्ठियों की खुशबू ढूंढने निकली हूँ,
मैं आज के ज़माने में , गुज़रा ज़माना ढूँढ़ने निकली हूँ |

वीडियो गेम्स और वर्चुअल रियलिटी की इस दुनिया में ,
मैं पुराने खेलों की खुशियां ढूंढने निकली हूँ,
मैं आज के ज़माने में , गुज़रा ज़माना ढूँढ़ने निकली हूँ |

बड़ी -बड़ी बातों में ,
मैं बचपन की मासूमियत ढूँढ़ने निकली हूँ,
मैं आज के ज़माने में , गुज़रा ज़माना ढूँढ़ने निकली हूँ |

चैटिंग , मैसेजिंग और वीडियो कॉल की इस दुनिया में ,
मैं खामोशियों  को समझने वाला ढूंढने निकली हूँ,
लिवइन रिलेशन की इस फ़ास्ट फॉरवर्ड दुनिया में ,
मैं एक सच्चा साथी ढूंढने निकली हूँ,
मैं आज के ज़माने में , गुज़रा ज़माना ढूँढ़ने निकली हूँ ||

बड़े -बड़े कैफ़ेज़ में,
मैं चाय की चुस्की पर दोस्तों के साथ मिलने वाली खुशियां ढूंढने निकली हूँ,
मैं आज के ज़माने में , गुज़रा ज़माना ढूँढ़ने निकली हूँ |

ज़रूरी नहीं की वो वक़्त और ज़माना फिर वापस आएगा,
लेकिन फिर भी मैं उम्मीदों के पिटारे को दुबारा खोलने निकली हूँ,
मैं आज के ज़माने में , गुज़रा ज़माना ढूँढ़ने निकली हूँ|

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